Table of Contents
Toggleसावन 2026 कैलेंडर:-
1. प्रस्तावना: भगवान शिव का प्रिय पावन सावन माह 2026
सनातन धर्म में श्रावण (सावन) के महीने को सभी महीनों में सबसे पवित्र और फलदायी माना गया है। यह महीना देवों के देव महादेव भगवान शिव की आराधना और साधना का महाउत्सव होता है। रिमझिम फुहारों के बीच जब चारों तरफ हरियाली छा जाती है, तो भक्त ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के साथ शिवालों में जल चढ़ाने निकल पड़ते हैं।
साल 2026 में सावन का महीना बेहद खास रहने वाला है। यदि आप भी सावन सोमवार का व्रत रखते हैं, कांवड़ यात्रा पर जाते हैं, या मंगला गौरी और प्रदोष व्रत की योजना बना रहे हैं, तो आपके पास सही तारीखों की जानकारी होना आवश्यक है।
आपकी सुविधा के लिए हमने इस विस्तृत सावन 2026 कैलेंडर में सावन सोमवार, सावन शिवरात्रि, मंगला गौरी, प्रदोष व्रत, एकादशी और सावन पूर्णिमा (रक्षाबंधन) की पूरी सूची तैयार की है, ताकि आप समय पर अपनी धार्मिक तैयारी कर सकें।
2. सावन 2026 कैलेंडर: कब शुरू और कब समाप्त होगा सावन?
उत्तर भारत (पूर्णिमान्त पंचांग) के अनुसार साल 2026 में सावन का महीना 30 जुलाई 2026, गुरुवार से शुरू हो रहा है और इसका समापन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) के दिन होगा।
इस बार सावन पूरे 30 दिनों का रहेगा, जिसमें भक्तों को भगवान शिव की उपासना के लिए 4 सावन सोमवार प्राप्त होंगे।
विशेष नोट: महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में जहां अमान्त पंचांग माना जाता है, वहां श्रावण मास की शुरुआत 13 अगस्त 2026 से होगी और समापन 11 सितंबर 2026 को होगा। नीचे दी गई तिथियां मुख्य रूप से उत्तर भारतीय (पूर्णिमान्त) पंचांग के अनुसार हैं।
3. सावन सोमवार व्रत तिथियां 2026 (Sawan Somwar Dates Table)
सावन के सोमवार का व्रत शिव भक्तों के लिए अति फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत रखने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है और विवाहित महिलाओं का अखंड सौभाग्य बना रहता है।
सावन 2026 कैलेंडर के अनुसार सावन सोमवार की तिथियां नीचे दी गई हैं:
| सावन सोमवार (Sawan Somwar) | तिथि और दिन (Date & Day) | धार्मिक महत्व (Significance) |
|---|---|---|
| पहला सावन सोमवार | 3 अगस्त 2026, सोमवार | सावन के पहले सोमवार का व्रत, शिव पूजन की शुरुआत। |
| दूसरा सावन सोमवार | 10 अगस्त 2026, सोमवार | सोम प्रदोष व्रत का दुर्लभ और अत्यंत फलदायी संयोग। |
| तीसरा सावन सोमवार | 17 अगस्त 2026, सोमवार | शिव कृपा और मनवांछित फल प्राप्ति के लिए उत्तम दिन। |
| चौथा सावन सोमवार | 24 अगस्त 2026, सोमवार | अंतिम सावन सोमवार, व्रत उद्यापन और शिव आराधना। |
4. मंगला गौरी व्रत तिथियां 2026 (Mangala Gauri Vrat List)
सावन मास के दौरान पड़ने वाले सभी मंगलवार माता पार्वती को समर्पित होते हैं। इन दिनों में मंगला गौरी व्रत रखा जाता है। यह व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुखी गृहस्थ जीवन और संतान सुख की कामना के लिए रखती हैं।
सावन 2026 कैलेंडर के तहत आने वाले मंगला गौरी व्रत की तिथियां:
- पहला मंगला गौरी व्रत: 4 अगस्त 2026 (मंगलवार)
- दूसरा मंगला गौरी व्रत: 11 अगस्त 2026 (मंगलवार – इसी दिन सावन शिवरात्रि भी है!)
- तीसरा मंगला गौरी व्रत: 18 अगस्त 2026 (मंगलवार)
- चौथा मंगला गौरी व्रत: 25 अगस्त 2026 (मंगलवार – इसी दिन भौम प्रदोष व्रत भी है!)
5. सावन शिवरात्रि, प्रदोष और एकादशी व्रत की तिथियां
सावन के महीने में सोमवार के अलावा भी कई प्रमुख व्रत और त्योहार आते हैं जिनकी बहुत बड़ी धार्मिक मान्यता है:
सावन शिवरात्रि 2026 (Sawan Shivratri)
सावन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को सावन शिवरात्रि मनाई जाती है। कांवड़िए हरिद्वार और नीलकंठ से गंगाजल लाकर इसी दिन भगवान शिव का महाजलाभिषेक करते हैं।
- सावन शिवरात्रि तिथि: 11 अगस्त 2026, मंगलवार
- महत्व: इस दिन रात्रि के चारों प्रहर में शिव पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है।
सावन प्रदोष व्रत 2026 (Sawan Pradosh Vrat)
त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस बार सावन में दो बेहद शुभ प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं:
- पहला (सोम प्रदोष व्रत): 10 अगस्त 2026, सोमवार (दूसरा सावन सोमवार और सोम प्रदोष एक ही दिन!)
- दूसरा (भौम प्रदोष व्रत): 25 अगस्त 2026, मंगलवार (चौथा मंगला गौरी और भौम प्रदोष एक साथ!)
सावन एकादशी तिथियां (Kamika & Putrada Ekadashi)
सावन के महीने में आने वाली दोनों एकादशियां भगवान विष्णु की कृपा बरसाती हैं:
- कामिका एकादशी (कृष्ण पक्ष): 9 अगस्त 2026, रविवार — यह एकादशी सभी पापों का नाश कर मोक्ष प्रदान करती है।
- सावन पुत्रदा एकादशी (शुक्ल पक्ष): 23 अगस्त 2026, रविवार — संतान प्राप्ति और बच्चों की सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत सर्वोत्तम है।
सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन 2026 (Sawan Purnima & Raksha Bandhan)
सावन महीने का अंतिम दिन सावन पूर्णिमा कहलाता है। इसी दिन भाई-बहन के पवित्र प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन और ऋषितर्पणी / संस्कृत दिवस मनाया जाता है।
- सावन पूर्णिमा / रक्षाबंधन तिथि: 28 अगस्त 2026, शुक्रवार
6. सावन सोमवार पूजा विधि और जलाभिषेक नियम
सावन में भगवान शिव की पूजा बहुत सरल लेकिन फलदायी मानी गई है। अगर आप सावन सोमवार का व्रत रख रहे हैं, तो इस पूजा विधि का पालन करें:
- प्रातः स्नान: सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
- शिवलिंग जलाभिषेक: मंदिर या घर पर तांबे के लोटे में शुद्ध जल और गंगाजल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें।
- सामग्री अर्पण: इसके बाद शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) चढ़ाएं। फिर दोबारा जल से स्नान कराएं।
- प्रिय वस्तुएं: शिव जी को अति प्रिय बेलपत्र (3 पत्तियों वाला), धतूरा, भांग, शमी के पत्ते, सफेद आंकड़े के फूल और चंदन चढ़ाएं।
- क्या न चढ़ाएं (सावधानियां): शिवलिंग पर कभी भी तुलसी के पत्ते, हल्दी, रोली (कुमकुम), और केतकी के फूल भूलकर भी न चढ़ाएं।
- आरती और मंत्र: “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें, सावन सोमवार व्रत कथा सुनें और अंत में कपूर से आरती करें।
7. सावन 2026 का ज्योतिषीय महत्व (Astrological Significance)
ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से भी सावन 2026 कैलेंडर की तिथियां बहुत महत्वपूर्ण हैं:
- शनि देव की स्थिति: सावन के दौरान शनि देव मीन राशि में रहेंगे और वक्री चाल में रहेंगे। भगवान शिव शनि देव के गुरु हैं, इसलिए सावन में शिव जी पर जल चढ़ाने से शनि की साढ़े साती और ढैय्या के कष्टों से तुरंत राहत मिलती है।
- उच्च के गुरु का प्रभाव: इस दौरान देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में रहेंगे, जो आध्यात्मिक साधना और ज्ञान वृद्धि के लिए एक दुर्लभ और मंगलकारी योग बना रहा है।
8. निष्कर्ष: शिव भक्ति में लीन होने का उत्तम समय
सावन का महीना केवल एक धार्मिक व्रत का समय नहीं है, बल्कि यह अपने मन, आत्मा और शरीर को शुद्ध करने का अवसर है। सावन 2026 कैलेंडर की इन सही तिथियों को अपने पास नोट कर लें ताकि आप किसी भी व्रत या शुभ मुहूर्त को न चूकें।
सच्चे मन से भगवान भोलेनाथ का स्मरण करें, असहायों की मदद करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते रहें। महादेव आपकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूरी करेंगे।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: सावन 2026 में कुल कितने सावन सोमवार हैं?
उत्तर: उत्तर भारतीय पंचांग के अनुसार सावन 2026 कैलेंडर में कुल 4 सावन सोमवार पड़ेंगे। पहला सोमवार 3 अगस्त को और चौथा सोमवार 24 अगस्त 2026 को होगा।
सवाल 2: सावन 2026 की शुरुआत और समाप्ति कब है?
उत्तर: सावन का महीना 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) से शुरू होगा और 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगा।
सवाल 3: सावन शिवरात्रि 2026 में कब मनाई जाएगी?
उत्तर: सावन शिवरात्रि 11 अगस्त 2026 (मंगलवार) को मनाई जाएगी। इसी दिन कांवड़ जल भी चढ़ाया जाएगा।
सवाल 4: शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय किस दिशा में मुख होना चाहिए?
उत्तर: शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय आपका मुख हमेशा उत्तर दिशा (North direction) की ओर होना चाहिए। उत्तर दिशा को भगवान शिव और माता पार्वती का निवास स्थान माना जाता है।
Also Read – सोलमेट मिलने के संकेत
Our Premium Astrological Solutions
| सेवा / रिपोर्ट का नाम | विवरण (Description) | लाभ और उपयोगिता (Key Benefits) | लिंक (Direct Action Link) |
|---|---|---|---|
| KP Astrology Report (₹199) | कृष्णमूर्ति पद्धति (KP System) पर आधारित त्वरित और अत्यंत सटीक व्यक्तिगत रिपोर्ट। | सटीक समय गणना (Exact Timing of Events) और सटीक भविष्यवाणियां। | अभी रिपोर्ट प्राप्त करें |
| Vedic Astrology Report | आपकी जन्म कुंडली का संपूर्ण और विस्तृत विश्लेषण (Complete Life Blueprint)। | आपके जीवन की ताकत, कमजोरियां, धन योग और आने वाली महादशाओं का विश्लेषण। | विस्तृत रिपोर्ट बुक करें |
| Bhrigu Nandi Nadi Astrology | नाड़ी ग्रंथों के प्राचीन और अचूक सिद्धांतों पर आधारित विश्लेषण। | पूर्व जन्म के कर्मों का प्रभाव और आपके जीवन का वास्तविक उद्देश्य जानना। | नाड़ी विश्लेषण प्राप्त करें |
| Lal Kitab Astrology | लाल किताब के ग्रहों के प्रभाव और कुंडली के दोषों का विश्लेषण। | बिना किसी महंगे अनुष्ठान के अत्यंत सरल, व्यावहारिक और सस्ते उपाय (Remedies)। | लाल किताब उपाय जानें |
| Ravana Samhita Predictions | रावण संहिता के प्राचीन और गोपनीय सूत्रों के माध्यम से धन और सफलता के योग। | जीवन में छिपे हुए धन योग, आकर्षण शक्ति और विशिष्ट आध्यात्मिक साधनाएं। | गुप्त उपाय जानें |
| Kundli Matching / Compatibility | विवाह के लिए वर-वधू की कुंडली का ३६ गुणों के साथ-साथ ग्रह मैत्री का गहरा मिलान। | शादी के बाद की स्थिरता, मानसिक तालमेल और सुखी दांपत्य जीवन की सुनिश्चितता। | कुंडली मिलान करें |
| Instant Kundli Generation | आधुनिक और त्रुटिहीन सॉफ्टवेयर द्वारा आपकी जन्म कुंडली का तुरंत निर्माण। | सटीक अक्षांश-रेखांश के साथ आपकी जन्म कुंडली का प्राथमिक विवरण। | अपनी कुंडली बनाएं |
| Numerology Report | आपकी जन्मतिथि (Date of Birth) के मूलांक और भाग्यांक का आपके नाम के साथ मिलान। | भाग्यशाली नंबर, नाम की स्पेलिंग में सुधार और अनुकूल दिशाओं का ज्ञान। | अंक ज्योतिष रिपोर्ट |
| Astro-Vastu Alignment | आपकी व्यक्तिगत कुंडली के ग्रहों के अनुसार आपके घर के वास्तु दोषों का मिलान और समाधान। | बिना किसी तोड़-फोड़ के घर में धन, स्वास्थ्य और शांति का प्रवाह बढ़ाना। | वास्तु परामर्श लें |
| Rudraksha & Crystals Shop | सिद्ध और अभिमंत्रित प्राकृतिक रुद्राक्ष, रत्न और ऊर्जावान क्रिस्टल उत्पाद। | मानसिक एकाग्रता, तनाव मुक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार। | स्टोर पर जाएं |
| Certified Online Courses | ज्योतिष, वास्तु, और अंकशास्त्र सीखने के लिए प्रमाणित ऑनलाइन कक्षाएं। | आत्मनिर्भर बनें और प्राचीन विधाओं को वैज्ञानिक तरीके से सीखें। | कोर्सेज में दाखिला लें |
| Bhagwat Prapti Sandesh Foundation | समाज कल्याण, गरीब बच्चों की शिक्षा और आध्यात्मिक जागरूकता के लिए समर्पित विंग। | सामाजिक उत्तरदायित्व और परोपकार के माध्यम से सकारात्मक कर्म संचय। | संस्था से जुड़ें |












